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Prem Prapti Mohan Mantra Sadhana

Prem Prapti Mohan Mantra Sadhana- किसी स्त्री/पुरुष/पति का प्रेम प्राप्ति मोहन मंत्र साधना

किसी को मोहित करने के लिए मोहन मंत्र साधना का प्रयोग कर किसी भी स्त्री/पुरुष/पति/सभा का प्रेम प्राप्त कर सकते है इसके लिए मोहन मंत्र का उपयुक्त जाप करना पड़ता है|अपने जीवन में आई किसी समस्या से निपटने के लिए तथा किसी कार्य की सिद्धि के लिए मोहन मंत्र साधना का विशेष महत्व है| किसी भी व्यक्ति को अपने जीवन में कुछ ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जब कोई भी रास्ता नज़र नही आता| ऐसी विषम परिस्थितियों में अगर आप धैर्य और दूरदर्शिता का परिचय देते हुए मोहन मंत्र साधना का प्रयोग करें तो आपको सफलता मिलने में ज्यादा देर नही लगेगी| मोहन मंत्र साधना का प्रयोग करके आप किसी स्त्री या पुरुष के प्रेम को प्राप्त कर सकते हैं, या किसी शत्रु पर विजय प्राप्त कर सकते हैं| किसी समूह या सभा के लोगों के अपने पक्ष में करने के लिए भी मोहन मंत्र साधना का प्रयोग किया जाता है|

Prem Prapti Mohan Mantra Sadhana

Prem Prapti Mohan Mantra Sadhana

स्त्री मोहन मंत्र साधना:

किसी स्त्री के प्रेम को पाने के लिए आप मोहन मंत्र साधना का प्रयोग कर सकते हैं, जब भी आप किसी स्त्री के प्रेम में पड़ते हैं तब ये ज़रूरी नही होता कि वह स्त्री भी आपसे प्रेम करे ऐसी स्थिति में मंत्रो का उच्चारण और मोहन मंत्र साधना काफी उपयोगी सिद्ध होती है| किसी स्त्री को वशीभूत करने के लिए तथा अपनी और आकर्षित करने के लिए आपको इस मंत्र का जाप करना चाहिए| मंत्र –

ओम नमो भगवते श्री सूर्याय हीं सहत्र किरानाय ऐ अतुल बल पराक्रमाय नव-गृह-दश-दिग पाल लक्ष्मी देवाय!

धर्म कर्म सहिताय ‘अमुक’ नाथाय नाथाय मोहय मोहय आकर्षण आकर्षण दासनुदासं कुरु-कुरु वश कुरु-कुरु स्वः!!

जिस भी व्यक्ति का आप वशीकरण करना चाहते हैं आप अमुक शब्द के स्थान पर उसका नाम लें, इस मंत्र का जाप प्रतिदिन सुबह सूर्यदेव का ध्यान करते हुए लगातार 9 दिन तक करना चाहिए| ऐसा करने से कोई भी स्त्री आपके प्रेम से वशीभूत हो जायेगी| किसी स्त्री को वश में करने के लिए स्त्री मोहन मंत्र साधना का प्रभाव बहुत ही चमत्कारिक होता है, अगर आप किसी स्त्री का प्रेम पाना चाहते हैं तो उसके पैर के नीचे से थोड़ी से मिट्टी उठा लें| अब इसे अपने सम्मुख रखकर इस मंत्र का जाप करें| मंत्र –

अल्ला बिच हथेली के मोहम्मद बिच कपार, उसका नाम मोहिनी जगत मोहो संसार!

मोह करे जो मोह मार उसे बाये पॉट वर डर, जो ना जाने मोहम्मद मैगम्बर की आन!!  

इस मंत्र को पढ़ने के बाद मिट्टी को जिस भी व्यक्ति का आप वशीकरण करना चाहते हैं, उसके ऊपर डाल दें| इस मंत्र को सिद्ध करने शनिवार से शुरू करके 8 दिन तक इस मंत्र का जाप धूप दीप, पुष्प, गुग्गल, लौभान जला कर मंत्र का जाप करें| ये बहुत ही सिद्ध मोहन साधना मंत्र है इसके प्रयोग से आप किसी स्त्री को अपने वश में कर सकते हैं साथ ही अपने बॉस को भी अपने अनुकूल व्यवहार करने के लिए विवश कर सकते हैं|

पुरुष/पति का प्रेम प्राप्ति मोहन मंत्र साधना:-

कई स्त्री अपने पति से प्रेम नही मिलने के कारण परेशान रहती हैं, ऐसी स्थिति में मोहन मंत्र साधना के अंतर्गत पति मोहन मंत्र का प्रयोग बहुत ही असरदार होता है| अपने पति को किसी अन्य स्त्री के प्रेम के चुंगल में देखकर कई स्त्री को बड़ा दुःख होता है| अगर आपके प्रेम पर किसी और का कब्ज़ा हो जाए तो जिंदगी बहुत ही मुश्किल हो जाती है| स्त्रियों को ऐसी ही मुश्किल परिस्थिति से उबरने के लिए ही पति मोहन मंत्र का प्रयोग करना चाहिए|

असंतुष्ट पति को फिर से अपने प्रेम से वशीभूत करने के लिए पत्नियाँ इस मंत्र का जाप करें, मंत्र इस प्रकार है –

“ओम अस्य श्री सुन्द्रिमंत्र स्वार्थ वर्ण ऋषि इति स्वहि पास स्वः”

स्त्रियाँ इस मंत्र का जाप प्रतिदिन 108 बार करें, ये मंत्र बहुत अद्भुत आकर्षण प्रभाव उत्पन्न करने में सक्षम है| इस मंत्र का लगातार 108 दिन तक जाप करने से ये बहुत ही चमत्कारिक प्रभाव उत्पन्न करने में सक्षम हो जाता है| पति या पत्नी को वश में करने के लिए ‘अमुक जय जय सर्व व्यान्न्म: स्वाहा’ इस मंत्र का उच्चारण 1100 बार करें| इस मंत्र में जहाँ पर अमुक शब्द का प्रयोग हुआ है वहां पर अपनी पति या पत्नी का नाम लेना चाहिए| मंत्र जप पूरा होने पर अपनी अपने पति या पत्नी को एक पान खिलाएं, इस छोटे से प्रयोग को करने से पति-पत्नी का आपस में प्रेम प्रगाढ़ हो जाता है|

सभा मोहन मंत्र साधना:-

किसी भी महत्पूर्ण सभा को मोहित करने के लिए या सभा के सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए आप सभा मोहन मंत्र का सहारा ले सकते हैं| सभा मोहन मंत्र का लक्ष्य होता है कि इसकी सहायता से आप किसी भी सभा में अपना प्रभाव छोड़ सकें| किसी भी मीटिंग में जाने से पहले सभा मोहन मंत्र का प्रयोग करना आपको निश्चित सफलता दिलाता है| सभा मोहना मंत्र इस प्रकार है –

गंगा किनारे की पीली पीली मिट्टी, चन्दन के रूप में बिकी हाटी- हाटी

तुझे गंगा की कसम, तुझे कामाख्या कि दुहाई। मान ले सत गुरु की बात, देखा दे करामात

खींच जादू का कमान, चला दे मोहन बाण। मोहे जन जन के प्रान, तुझे गंगा की आन।

ओम नम: कमाक्षाया अं कं चं टं तं पं यं शं ह्रीं क्रीं श्रीं फट स्व:।।

जिस भी दिन आपकी सभा हो आपको उसी दिन सुबह मोहन मंत्र का जाप करना चाहिए, इस दिन आप जल्दी उठकर स्नान आदि कर्मों से निपटकर गंगोट चन्दन को गंगाजल डालकर घिसें और इसे उपरोक्त मंत्र से 108 बार अभिमंत्रित करें| अब इससे अपने मस्तक पर माँ कामाख्या का मनन करते हुए तिलक कर लें, इस उपाय को करने से सभा के सभी लोगों पर आपकी बातों और व्यक्तित्व का जादू चल जाएगा और सभा का अंतिम फैसला आपके पक्ष में ही होगा| मोहन मंत्र साधना के अंतर्गत सुलेमानी सभा मंत्र का भी प्रयोग किया जा सकता है, किसी सभा में उपस्थित होने से पहले आप इस सुलेमानी सभा मंत्र का उच्चारण करना न भूलें| मंत्र –

कालु मुंह धोई करू सलाम मेरे नैन सुरमा बसे, जो निरखे सो पायन पड़े गोसुल आजम दस्तगीर की दुहाई

किसी को मोहित करने के उपाय में मन की एकाग्रता का विशेष महत्व है, जब भी आप वशीकरण या मोहन मंत्र साधना का प्रयोग करें तब मन में इसके प्रयोग के प्रति कोई भी शंका नही होनी चाहिए| वशीकरण का पूरा सिद्धांत सकारात्मक शक्तिशाली विचारों पर आधारित है| इसलिए अपने अंदर सकारात्मक विचारों को भरकर पूरी आशा और उमंग के साथ आपको वशीकरण के मन्त्रों का प्रयोग करना चाहिए|

किसी भी स्त्री/पुरुष/पति/सभा को मोहित और आकर्षित करने के लिए मोहन मंत्र साधना का प्रयोग कर इसको पूर्ण किया जा सकता है| किसी स्त्री/पुरुष का प्रेम प्राप्ति के लिए भी मोहन मंत्र साधना टोटके का प्रयोग कर इसको हासिल किया जा सकता है| कोई भी मनुष्य गुरु जी से परामर्श लेकर अपने किसी भी कार्य को पूर्ण कर सकते है| किसी भी मंत्र उपाय का प्रयोग में लेने से पहले जरूर सलाह करे|

तलाक लेने/रोकने के उपाय

तलाक लेने/रोकने के उपाय

विवाह एक पवित्र बंधन है| भारतीय धर्मशास्त्रों के अनुसार यह बंधन जन्म-जन्मांतर का होता है| परंतु कई दंपत्तियों के मामले  में देखा जाता है कि वे इस संबंध को निभा ही नहीं पाते और बात तलाक तक पहुँच जाती है| तलाक क्यों होता है, इस विषय पर समाजशास्त्रीय विमर्श के साथ-साथ ज्योतिषीय विवेचना भी आवश्यक है ताकि, इसके कारणों की जांच करते हुए समस्या के मूल भाव को समझा जा सके| किसी भी समस्या के निदान में विज्ञान के साथ-साथ भारतीय आध्यात्मिक शास्त्रों में भी कार्य-कारण सिद्धांत को महत्वपूर्ण माना जाता है|

तलाक लेने/रोकने के उपाय

तलाक लेने/रोकने के उपाय

इस दृष्टि से सर्वप्रथम ग्रह-नक्षत्रों के योग की पड़ताल आवश्यक है| कई बार, ग्रह दशा ऐसी स्थिति निर्मित कर देती है, कि आदर्श दंपत्तियों के जीवन में भी भूचाल आ जाता है| संक्षेप में निम्नलिखित योग में तलाक की स्थिति उत्पन्न होती है –

तलाक के योग

पति-पत्नी दोनों अथवा दोनों में से किसी एक की जन्म कुंडली में निम्नलिखित योग हों तो तलाक की स्थिति उत्पन्न होती है –

  • यदि जन्म कुंडली के छठे भाव में चौथे भाव में बैठा हो, या चौथे भाव का स्वामी छठे भाव में बैठा हो|
  • सप्तमेश और शुक्र पर शनि, सूर्य तथा राहु का प्रभाव हो, या इन ग्रहों का सातवें आठवें भावों पर एक साथ प्रभाव हो |
  • कुंडली का चौथा भाव पीड़ित हो तथा शुक्र से छठे, आठवें और बारहवें भाव में क्रूर ग्रह स्थित हो|
  • यदि कुंडली में शुक्र ग्रह, मूल, आर्दा, ज्येष्ठा अथवा कृत्तिका नक्षत्र में स्थित हो|
  • यदि सातवें अथवा बारहवें भाव में सप्तमेश की युति द्वादशेश के साथ हो रही हो|
  • सप्तमेश और द्वादशेश परस्पर राशि परिवर्तन कर रहे हों तथा दोनों में से किसी एक की युति राहु के साथ हो रही हो|
  • जन्म कुंडली के दसवें भाव में सप्तमेश और द्वादशेश राहु-केतु के साथ विराजित हों|
  • यदि षष्ठेश क्रूर ग्रह हो तथा वह दूसरे, चौथे, सातवें तथा बारहवें भाव में स्थित हो|
  • यदि षष्ठेश वक्री हो तो, तलाक का मुकदमा लंबे समय तक चलता है|
  • यदि एकल शनि पंचम भाव में तथा एकल राहु सप्तम भाव में उपस्थित हो|
  • पति अथवा पत्नी किसी की जन्म कुंडली में यदि मंगल नीच में हो और उस पर क्रूर ग्रहों की दृष्टि भी पड़ रही हो|

तलाक रोकने के उपाय तथा टोटके  

यदि समस्या है तो समाधान भी कहीं-न कहीं होता ही है| इसलिए सर्वप्रथम कारण को जाने तथा तदनुरूप उपचार करें| यदि समस्या ग्रह दोष के कारण है तो सर्वप्रथम ग्रह शांति करवाएँ, उसके बाद ही किसी टोटके का सहारा लें| विश्वास तथा दृढ़ निश्चय से किया गया समुचित उपाय व्यर्थ नहीं जाता| तलाक से बचने अथवा उसे रोकने के लिए निम्नलिखित उपाय कारगर सिद्ध होते हैं  –

  • सावन के महीने में किसी विद्वान पंडित से निरंतर ग्यारह दिनों तक किसी शिव रुद्राष्टध्यायी’यज्ञ करवाएँ, इसे महारुद्री यज्ञ भी कहा जाता है|
  • अपने घर की उत्तरी दीवार पर हनुमान जी की वीर भंगिमा युक्त चित्र लगाएँ|
  • कुंडली की जांच करवाएँ, यदि राहु के उपद्रव के कारण तलाक की स्थिति बन रही हो दक्षिणमुखी हनुमान जी की सात बार उल्टी परिक्रमा करें|
  • किसी भी दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर से सिंदूर लेकर अपने जीवनसाथी के चित्र पर लगाएँ|
  • यदि आसन्न तलाक के पीछे कारण तत्व शनि हो तो निरंतर सात शनिवार हनुमान जी को गुड़ का प्रसाद चढ़ाकर किसी काली गाय को खिला दें|
  • यदि सूर्य के कारण तलाक जैसी स्थिति बन रही हो, तो सात रविवार पूर्वमुखी हनुमान मंदिर में गुड़ की रोटी तथा टमाटर के साग का प्रसाद चढ़ाने के बाद किसी बूढ़े दंपत्ति को खिला दें|
  • यदि मंगल के कारण तलाक जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही हो, तो तांबे के लोटे में गेहूं भरें तथा उस पर रक्त चन्दन लगाकर सात मंगलवार लोटा सहित हनुमान मंदिर में अर्पित करें|
  • सात रविवार तक निरंतर सात लौंग, सात सुपारी, सात नींबू, सात सीता फल, सात जायफल, सात मेलफल तथा साथ तांबे के तिकोने टुकड़े किसी लाल कपड़े में बांधकर हनुमान मंदिर में अर्पित करें|
  •  छहमुखी, सातमुखी, आठमुखी, दसमुखी, ग्यारहमुखी, बारहमुखी तथा गौरीशंकर रुद्राक्षों का एक-एक दाना लेकर उसमे प्राण-प्रतिष्ठा करवाने के उपरांत धारण करें|
  • सात काला जामुन, सात बेर, सात नारियल, सात अमरूद, सात बादाम, सात जैतून,, तथा साथ काले रुद्राक्ष किसी काले कपड़े में बांधकर शनिवार के दिन शनिदेव के चरणों में अर्पित कर दें|
  • भोजपत्र पर लाल कलम से जीवनसाथी का नाम लिखेँ, तत्पश्चात हनुमान मंत्र का 21 बार जाप करें और भोजपत्र को घर के किसी कोने में छुपाकर रख दें| अब नियमित रूप से मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर तथा चोला चढ़ाएँ| इस आराधना से तलाक का योग स्वयमेव समाप्त हो जाएगा तथा घर में सुख-शांति बनी रहेगी\
  • घर में शिवलिंग स्थापित करें तथा विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा करवाने के उपरांत नित्य 41 दिनों तक जल – विल्वपत्र चढ़ाएँ तथा निम्न मंत्र का जाप करें – ॐ नमः शिवः शक्तिस्वरूपायः ममः गृहे शांति कुरु कुरु स्वाहः| इस मंत्र के जाप से घर से नकारात्मक प्रभाव दूर होता है तथा तलाक की स्थिति समाप्त होती है|
  • तलाक रोकने के लिए तीन गोमती चक्र घर के दक्षिण दिशा में फेंक दें तथा पाँच गोमती चक्र सिंदूर की डिब्बी में रख दें| रोज पूजा करते समय पत्नी उससे अपनी मांग भर तथा पति उससे तिलक करे| यह टोटका अचूक है|
  • नित्य अर्धनारीश्वर स्तोत्र का पाठ करने से तलाक की नौबत समाप्त हो जाती है|
  • यदि मंगल के चौथे भाव में होने के कारण तलाक की स्थिति बन रही हो, तो बरगद की जड़ में मीठा दूध चढ़ाएँ|

तलाक रोकने के लिए अनुष्ठान

उन्नीस हाथ लंबाई वाला एक धागा लें, अब इसमे आठ गांठ लगा दें, गंगाजल से पवित्र करने के उपरांत सभी गाँठो पर कुमकुम और केसर का तिलक करें| गांठ युक्त धागे से माला बना लें तथा उसकी पंचोपचार विधि से पूजा करें| अब आठ माला निम्न शनि मंत्र का जाप करें –

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।

      जाप के उपरांत गांठयुक्त माला लेकर प्रत्येक गांठ पर ग्यारह-ग्यारह बार उक्त शनि मंत्र का जाप करें| इस अनुष्ठान से समस्त वैवाहिक समास्याओं से मुक्ति मिलती है|

कोई तो अपने पति या पत्नी से परेशां होकर तलाक लेना चाहते है और कोई इससे बचना चाहते है | यदि आप भी इस समस्या से परेशान है तो हमसे संपर्क करे और ज्योतिष समाधान से हर समश्या का समाधान पाए |

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